*राष्ट्रीय वंचित लोक मंच*
राष्ट्रीय कार्यालय आदेश
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*राष्ट्रीय वंचित लोक मंच उत्तरी जोन व उत्तराखंड राज्य की कार्यकारिणी भंग कर श्री रवि सेमल को भारत के उत्तरी जोन का जोनल अध्यक्ष नियुक्त किया गया है*
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जोधपुर 02 अक्टूबर 2017, राष्ट्रीय वंचित लोक मंच की *राष्ट्रीय कोर कमेटी की बैठक में निर्णय लेते हुवे भारत के उत्तरी जोन व उत्तराखंड राज्य की कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया है।* संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष *श्री सचिन सर्वटे ने श्री रवि सेमल को नई जिम्मेदारी देते हुवे उन्हें मुख्य शाखा में भारत के उत्तरी जोन का जोनल अध्यक्ष नियुक्त किया है।* कोर कमेटी ने निर्देश जारी कर बताया कि शीघ्र ही श्री रवि सेमल उत्तरी जोन के अंतर्गत आने वाले राज्यो *जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब व उत्तराखंड* में जोनल एवं प्रदेश कार्यकारिणी का गठन करेंगे। संगठन के तमाम पदाधिकारियो की तरफ से श्री रवि सेमल को हार्दिक शुभकामनाएं दी जाती है।
भवदीय
महेश बोयत
राष्ट्रीय कार्यालय सचिव
राष्ट्रीय वंचित लोक मंच
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*संगठन की महत्वपूर्ण लिंक्स*
*1. RVLM मोबाइल ऐप*
https://drive.google.com/file/d/0B8IsMnqd4FBVZDJBTzRPTkFINGs/view?usp=drivesdk
*2. RVLM TV*
https://drive.google.com/file/d/0B8IsMnqd4FBVRVdfYVRSVXhkSTQ/view?usp=drivesdk
*3. RVLM वेबसाइट*
https://vanchitlokmanch.wordpress.com
*4. RVLM फेसबुक एकाउंट*
https://www.facebook.com/vanchit.lokmanch.33
*5. RVLM फेसबुक पेज*
https://www.facebook.com/vanchitlokmanch/
*6. RVLM ट्विटर एकाउंट* https://twitter.com/VanchitM?s=09
*7. RVLM यूट्यूब*
https://www.youtube.com/channel/UCBmuSjnpm5UOHIgb7xMdT0g

*राष्ट्रीय वंचित लोक मंच*
कार्यालय आदेश
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*भाई रोशन बनी महिला एवं बाल विकास प्रकोष्ठ की कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष*

जोधपुर राजस्थान, *राष्ट्रीय वंचित लोक मंच कोर कमेटी* की ऑनलाइन बैठक में कमेटी सदस्यो ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुवे सुश्री रोशन धौलपुरे को संगठन के *महिला एवं बाल विकास प्रकोष्ठ* की राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष मनोनीत किया है। वे राष्ट्रीय बेसबॉल खिलाड़ी एवं दिव्य रोशनी महिला समिति NGO की संस्थापिका होने के साथ ही मध्यप्रदेश पुलिस में महिला पुलिस ट्रेनर है। वे पोस्ट ग्रेजुएट महिला है। *उनके उत्कृष्ट समाज सेवी कार्यो को देखते हुवे उन्हें संगठन का यह राष्ट्रीय स्तर का महत्वपूर्ण पद सौंपा गया है।* उनके संगठन में आने से देश की महिलाओं को नई शक्ति मिलेगी । हमे पूर्ण विश्वास है कि महिलाओं को न्याय दिलाकर उन्हें हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने एवं देश के (भावी नागरिकों ) बालक बालिकाओं के सम्पूर्ण विकास के सभी आयामो को पूर्ण करने में वे सक्षम सिद्ध होगी।
संगठन के समस्त पदाधिकारियों की और से इस ऊर्जावान बहन को हार्दिक शुभकामनाएं दी जाती है।
भवदीय
सचिन विष्णुदेव सर्वटे
राष्ट्रीय अध्यक्ष
राष्ट्रीय वंचित लोक मंच
एवं पूर्व उपाध्यक्ष
राज्य सफाई कर्मचारी आयोग
राजस्थान सरकार
मो-9468564466
www.vanchitlokmanch.wordpress.com

अत्याचार एवं भ्रष्टाचार निवारण प्रकोष्ठ,
राष्ट्रीय वंचित लोक मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष, श्री सचिन सर्वटे जी के निर्देश पर प्रकोष्ठ के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष श्री सत्य नारायण बारेसा जी द्वारा अत्याचार एवं भ्रष्टाचार निवारण प्रकोष्ठ में जयपुर जिला अध्यक्ष पद पर सुनील डागर को मनोनीत किया गया है।


*अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के पद्दोन्नति में आरक्षण को बढ़ावा देने में राज्य बाध्य नहीं है: सर्वोच्च न्यायालय*
सत्य प्रकाश द्वारा, हिंदुस्तान टाइम्स :-
हिंदुस्तान टाईम्स की अंग्रेजी न्यूज को *सचिन सरवटे* (9468564466) द्वारा हिंदी में ट्रांसलेट करके सूचनार्थ भेजा जा रहा है, ओरिजिनल अंग्रेजी में न्यूज नीचे की लिंक से देखी जा सकती है ।
http://m.hindustantimes.com/india/state-not-bound-to-give-reservation-in-promotion-to-sc-st-supreme-court/story-F6Dsb3AWSGqNdlQaby0HBM.html
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SC/ST याचिकाकर्ताओं ने उन्हें पदोन्नति में आरक्षण देने के लिए राजकीय सेवाओं में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के प्रतिनिधित्व के लिए आवश्यक गुणात्मक आंकड़ों को इकट्ठा करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को एक सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाया है कि राज्य, अनुसूचित जाति और जनजाति कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण देने के लिए कर्तव्यबद्ध नहीं है।
न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और प्रफुल्ल सी पंत की पीठ ने कहा कि न्यायालय सरकारों को इन समूहों के बारे में आंकड़े एकत्र करने के लिए निर्देश नहीं दे सकता है, ScSt कर्मचारियों द्वारा विभिन्न सेवाओं में प्रतिनिधित्व के लिए उन्हें आरक्षित कोटा लाभों का दावा किया गया था। पदोन्नति में आरक्षण पर कई फैसलों का विश्लेषण करने के बाद, सुप्रीम कोर्ट द्वारा यह कहा गया कि इस तरह सर्वेक्षण का कोई आदेश देना विधायिका कार्यपालिका के क्षेत्र में हस्तक्षेप करने समान है।
“स्पष्ट रूप से यह कहें, अदालतों ने कोई नीति तैयार नहीं की, आरक्षण से संबंधित कानून, नियम और विनियमन या नीति के लिए कुछ भी करने से दूर रहना तय किया,” न्यायालय पीठ ने कहा, राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दे का हवाला देकर याचिकाओं को बैच ने खारिज कर दिया है।

“यह स्पष्ट रूप से निर्धारित किया गया है कि राज्य पदोन्नति के मामलों में अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण करने के लिए बाध्य नहीं है। हालांकि, अगर राज्य विवेकानुसार कार्य करना चाहता है और ऐसा प्रावधान करता है, तो उसे अनुच्छेद 335 के अनुपालन के अलावा, वर्ग के पिछड़ेपन को दिखाए जाने वाले आंकड़ों को इकट्ठा करना होगा और सार्वजनिक रोजगार में उस वर्ग के प्रतिनिधित्व की अपर्याप्तता सिद्ध करनी होगी। ”
संविधान के अनुच्छेद 335 के अनुसार, सरकारी सेवाओं में नियुक्तियों के लिए अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के सदस्यों के दावों का निराकरण प्रशासन द्वारा उनकी दक्षता को लगातार ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।
याचिकाकर्ताओं चाहते थे कि उन्हें पदोन्नति में आरक्षण देने के लिए, राजकीय सेवाओं में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के प्रतिनिधित्व के लिए आवश्यक गुणात्मक आंकड़ों को इकट्ठा करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को एक सर्वेक्षण करने का निर्देश कोर्ट द्वारा दिया जाए लेकिन इसपर शीर्ष अदालत सहमत नहीं हुई।
बेंच ने इस बात पर जोर दिया कि “जब न्यायालय में किसी आदेश को चुनौती दी जाती है तो अदालत उसकी वैधता (एक नीति या कानून) के अनुरूप परीक्षण करती है। न्यायालय कानून बनाने या उस मामले के किसी भी तरह के उप-संधि कानून के लिए प्रत्यक्ष निर्देश नहीं दे सकता है।
2006 में एम नागराज मामले में एक संविधानिक फैसले में कहा गया है कि अनुच्छेद 16 (4-ए) केवल एक सक्षम प्रावधान था, जो राज्य के लिए अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के कर्मचारियों को पदोन्नति के मामलों में आरक्षण प्रदान करने की राज्य को स्वतंत्रता प्रदान करता था। यह कहा भी गया है कि प्रावधान केवल दो शर्तों या बिंदुओं के मिलने पर किया गया है वो है “पिछड़ेपन” और “प्रतिनिधित्व की अपर्याप्तता” यदि यह दो बिंदु मिलते है तो ही इसको लागू किया जा सकता है ।
चूंकि सर्वे के बिना “पिछड़ेपन” और “प्रतिनिधित्व की अपर्याप्तता” का निर्धारण नहीं किया जा सकता, इसलिए याचिकाकर्ता चाहते थे कि कोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को इस तरह के सर्वेक्षण करने और उसके आधार पर अनुसूचित जाति/जनजाति को वरिष्ठता के आधार पर उनकी प्रमोशन के बारे में निर्णय लेने के लिए आंकड़े एकत्र करने का निर्देश दिया जाए लेकिन शीर्ष अदालत ने याचिका को खारिज करते हुए कहा, “डेटा इकट्ठा करने के लिए एक मंडल होता है जो अधिकारियों से पूछता है कि क्या ऐसा कोई नियम या विनियमन है जो पर्याप्त डेटा के अनुरूप है। कोर्ट द्वारा ऐसा निर्देश देने एक तरह से, विधायिका के क्षेत्र में प्रवेश करने जैसा होगा, क्योंकि यह पद्दोन्ती में आरक्षण का एक कानून तैयार करने की दिशा में एक कदम जैसा है। ”
पदोन्नति में आरक्षण कोटे का मुद्दा एक राजनीतिक रूप से अस्थिर मुद्दा रहा है और नागराज मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि राज्य को संविधान की धारा 335 के तहत प्रशासन की दक्षता को भी ध्यान में रखना होगा।
नागराज मामले में अनुसूचित जाति के फैसले के आधार पर, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 2011 में तत्कालीन मायावती सरकार के उत्तर प्रदेश में एससी / एसटी के लिए पदोन्नति में कोटा प्रदान करने के फैसले को तोड़ा। सुप्रीम कोर्ट ने 28 अप्रैल, 2012 को फैसले को बरकरार रखा ओर तब से सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न राज्यों से आने वाली पद्दोन्नति में आरक्षण सम्बन्धी याचिकाओं के दावों को खारिज किया हैं।
बसपा प्रमुख मायावती और कई अन्य दलित नेताओं ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण कोटा का लाभ देने के लिए एक संवैधानिक संशोधन की मांग की है लेकिन सरकारी सेवाओं में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों के “पिछड़ेपन” और “प्रतिनिधित्व की अपर्याप्तता” के बारे में ताजा गुणात्मक आंकड़ों की अनुपस्थिति में, कोई भी संवैधानिक संशोधन उसे भाग्य के उसी मोड़ पर ला सकता है।
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यह हिदुस्तान टाइम्स में छपी अंग्रेजी न्यूज का सचिन सरवटे (राष्ट्रीय अध्यक्ष-राष्ट्रीय वंचित लोक मंच-9468564466) द्वारा आम जन की सूचनार्थ हिंदी में किया गया अनुवाद मात्र है, भाषा या अनुवाद सम्बन्धी विवाद के लिए मैं सचिन सरवटे किसी भी प्रकार से जिम्मेदार नही हूँ। किसी भी विवाद के लिए ओरिजिनल अंग्रेजी न्यूज या सुप्रीम कोर्ट के सम्बंधित प्रकरण के आदेश को ही अंतिम माना जाए।* यह अनुवाद 25-06-17 समय दोपहर 01 बजे पूर्ण किया गया।
भवदीय
*सचिन सरवटे*
*राष्ट्रीय अध्यक्ष*
राष्ट्रीय वंचित लोक मंच
मो-9468564466

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समाज की बच्ची की शादी के लिए सहयोग राशि की अपील
23 जून 2017, आदेश डिग्री कोलेज के पास रेलवे स्टेशन अजमेर राजस्थान से वाल्मीकि समाज की एक बहन बहुत गरीब परिवार से है।

5 अक्टूबर 2017 को वाल्मीकि सामूहिक सम्मेलन मे उसकी शादी होनी है । शादी के लिए आवश्यक छोटी सी राशि भी उसके परिजनों के पास नही है।

समाज के प्रबुद्ध जनों से निवेदन है कि उसकी मदद करे। इसकी शुरुआत करते हुवे बाबा साहेब का नाम लेकर मैं अपनी और छोटी सी भेंट की राशि का जय भीम करता हूँ। कृपया आप भी अपनी राशि नीचे अंगित करते हुवे *राष्ट्रीय वंचित लोक मंच* के निम्न पदाधिकारी तक सहयोग राशि पहुंचाए।

*50000/- से एक लाख/- की राशि पूरी होने तक ही यह मुहिम चलाई जाएगी उसके बाद रोकने का मैसेज किया जाएगा*
निवेदनकर्ता
सचिन विष्णुदेव सरवटे
RVLM-9468564466
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*सहयोग हेतु सम्पर्ककर्ता*
*प्रदीप कल्ला*
जिला संगठन मंत्री
राष्ट्रीय वंचित लोक मंच
ब्यावर अजमेर
मो.. 8233501444
प्रदीप कुमार s/o राजकुमार
A.c. no.. 33153842904
SBI, Byawar
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बच्ची का भाई-
विजय धरीवाल 9521431361
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*सहयोग राशि का विवरण*
कृपया राशि देकर नीचे अपना नाम जुड़वाए
सचिन सरवटे-2100/-

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बीकानेर सफाई प्रकोष्ठ द्वारा ज्ञापन
राष्ट्रीय वंचित लोक मंच के तत्वधान मे बीकानेर कलेक्टर के माध्यम से राजस्थान की मुख्यमंत्री साहिबा के नाम ज्ञापन सोपा गया जिसमे बीकानेर संभाग के समस्त राजकीय विभागो में रिक्त सफाई कर्मचारी भर्ती के सम्बधं मे ध्यान आकर्षित कराते हुए जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का ज्ञापन दिया गया .इस कार्यक्रम के दोरान निम्न पदाधिकारीगण मोजुद रहे है वह राष्ट्रीय वंचित लोक मंच के बीकानेर संभाग प्रभारी व का.प्रदेशाध्यक्ष अत्याचार निगरानी प्रकोष्ठ के विनोद सिसोदिया, सफाई कर्मचारी प्रकोष्ठ के संभाग अध्यक्ष चोरूराम जी चांवरिया, संयोजक आन्नद जी पंवार,सचिव मुकेश जी पंडित, जिलाध्यक्ष विजेन्र्द जी पंडित, सफाई कर्मचारी नेता सुनिल जावा,विनोद जी चांवरिया,अजय जी सर्वटे,अशोक जी चांगरा, रजत जी सर्वटे आदी गणमान्य लोग उपस्थित रहे.

मैला ढोने वाले स्वच्छकारो एवं सेफ्टी टैंक में मृतकों की गणना उनके परिजनों को लाभ दिलवाने के लिए
राष्ट्रीय वंचित लोक मंच के समस्त पदाधिकारियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं से निवेदन है कि आपके राज्य, संभाग, जिले, शहर, तहसील, ग्राम, वार्ड आदि में हाथ से मैला ढोने वालो एव सेफ्टी टैंक /गटर साफ करते हुवे मृतक का सम्पूर्ण विवरण उपरोक्त फ़ोटो में दर्शाए संबंधित क्षेत्र के पदाधिकारी के नम्बर पर भेजे।

भवदीय
सचिन विष्णुदेव सरवटे
पूर्व उपाध्यक्ष
राज्य सफाई कर्मचारी आयोग
राजस्थान सरकार एवं
राष्ट्रीय अध्यक्ष-RVLM
Mo-9468564466

*उदयपुर सेफ्टी टैंक सफाई में 4 युवकों के मरने का प्रकरण अप्रेल 2017*

सचिन विष्णुदेव सर्वटे पूर्व उपाध्यक्ष, राज्य सफाई कर्मचारी आयोग राज. सरकार द्वारा हाल ही में *उदयपुर जिले में सीवियर टैंक की सफाई के दौरान 4 युवकों के जहरीली गैस से मरने* पर माननीय प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग को पत्र लिखा गया था। जिस पर कार्यवाही होकर *उदयपुर जिला कलेक्टर* को राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की श्रीमति यासमीन सुल्ताना सहायक निर्देशक (R&D) द्वारा पत्र लिखकर *हाथ से मैंला ढोने रूपी रोजगार पर रोक एवं मैंला ढोने वालो के पुनर्वास अधिनियम 2013*पर सख्ती से कार्यवाही एवं *मृतक के परिजनों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा* दिलवाने व फेक्ट रिपोर्ट भिजवाने के निर्देश जारी किए गए है।
*सचिन सरवटे*
पूर्व उपाध्यक्ष
राज्य सफाई कर्मचारी आयोग
राजस्थान सरकार एवं
राष्ट्रीय अध्यक्ष
राष्ट्रीय वंचित लोक मंच
मो-9468564466


सेवा में ,

महामहिम राज्यपाल साहब ,
गुजरात राज्य, गांधीनगर
विषय : जनरल अस्पताल – पालनपुर में खानगीकरण और उसका वहीवट खानगी संस्था को देने के खिलाफ
आपत्ति का उलेख करते हुवे विज्ञापन पत्र के माध्यम से अपील कर रहे है ।

जय भारत के साथ उपरोक्त विषय के तहत आपको नीचे लिखी जानकारी से अवगत करवा के अपील की जाती है।
विषय निम्न है।
(०१) हमे कुछ सूत्रो के माध्यम से यह जानकारी प्राप्त हुवी है। कि बनासकांठा जिल्ले में पालनपुर के मध्य में आई हुवी सिविल अस्पताल में बनासकांठा के गरीब,माध्यम वर्ग , प्राथमिक सुविधाओं से वंचित समुदाय ,अनुचित जाति / जनजाती, ओबीसी , अल्पसंख्यक और B.P.L लाभार्थी जिल्ला स्तर पर आवश्क सेवाए पूरी । करती हुवी जनरल अस्पताल
पालनपुर ट्रोमा सेन्ट्रर, नसींग कम्पाउंडर विविध करोड़ो की कीमत की जमीन पर बनास डेरी के चेयरमैन और गुजरात सरकार के आरोग्य मंत्री शंकरभाई चौधरी की नजर में होने की वजह आयोजन के हिस्से के तरह बनासकांठा की सभी संस्थओ पे हक जताने हेतु जनरल अस्पताल का वहीवट उनके हस्तक लेने हेतु न मेडिकल कोलेज की रचना करने के
बहाने जनरल अस्पताल के वहीवटी को खानगी करण करने का मनोमंथन कर रहे है।
(०२) बनास डेरी के चेयरमेंन और गुजरात सरकार के आरोग्य मंत्री शंकरभाई चौधरी के दिल मे बनासकाठा की जनता की सेवा करने का विचार है । तो फिर पाटन जिल्ले के धारपुर और महेसाणा जिल्ले के वडनगर में कॉलेज के साथ अलग ही मेडिकल एजुकेशन रिसर्च सेन्टर के माध्यम से धारपुर और वडनगर अलग ही कॉलेज की स्थापना की गई है । और बनासकांठा में भी अलग कॉलेज का निर्माण करके कॉलेज का नाम स्व गलबाभाई चौधरी मेडिकल कॉलेज रखा जाए तो इस विषय पर हमें कोई आपत्ति नही है । किन्तु बनासकांठा के पालनपुर की मध्य में आई हुवी सिविल अस्पताल वहीवट / खानगीकरण मेडिकल कॉलेज के बहाने बाजी के साथ सिविल अस्पताल लेने की सोचते है ।तो इस चिंतित विषय पर
हमारा खुलकर विरोध रहेगा । बनासकांठा जिल्ले में गरीब वर्ग ,मध्यम वर्ग, वंचित समुदाय , अनुसूचित जाति / जनजाति, अल्पसंख्यक ,ओबीसी , विविध समुदाय के लोग रहते है। B.P.L लाभार्थियों को जिल्ला स्तर पर आवश्यक प्राथमिक जरूरत को समाप्त करने वाली जनरत अस्पताल का खानगी करण / वहीवट संस्था को देकर सरकार आरोग्य विषयक सविधा दर्दीयो को उपलब्ध करवाने में निष्फलता साबित हो रही है। इस लिए पालनपुर जनरल अस्पताल का संचालन राज्य और केन्द्र सरकार के हस्तक्षेप में रहना चाहिए यही बनासकांठा के नागरिकों की इच्छा है।

(०३) बनासकांठा जिल्ला अति पछात और सरहदीय विस्तार है और युद्ध के जैसी परिस्थितियों , कुदरती आफत , के समय सरकार के संपर्क से मेडिकल इमर्जन्सी मदद की सुविधाएं हो सके और बनासकांठा में एक ही वो अस्पताल है जिसका वहीवट किस भी संस्था को दिया जाए यह जनता के हित में नहीं है और अयोग्य मुद्दा है यह।
(०४) आगे भी इसी तरह वोकार्ड कंपनी के तहत इसी तरह जनरल अस्पतालो को खानगी करण करने की प्रक्रिया को अंजाम दिया गया था तब भी बनासकांठा की जागरूत नागरिको के तहत खुलकर विरोध किया गया था। वोकार्ड जैसी कम्पनियों को सेवा करनी है। तो खुद का अस्पताल का निर्माण कर के बनासकांठा की जनता को समर्पित करें। बनास डेरी के चयरमेंन शंकरभाई चौधरी जी को बनासकांठा की जनता की सेवा करनी है तो नया अस्पताल और नई कॉलेज
का निर्माण प्रक्रिया करे।
(०५) अकस्मात मेडिकल लीगल केश अन्य विविध सरवार प्राप्त कर रहै केश में यह अस्पताल निच्चित व्यक्तिओ की तहत बनाया गया। ट्रस्ट के माध्यम से अस्पताल की अंकुशित होगा इस प्रश्न को नजर अंदाज नही कर सकते और अस्पताल का खानगीकरण कर दिया जाएगा तो निचिंत ही विशिष्ट लोगो की विशिष्ट प्रकार की सारवार दी जाएगी
जब अनुसूचित जाति /जनजाति , अल्पसंख्यक , ओबीसी , गरीब वर्ग के लोगो की मेडिकल सारवार पर ज्यादातर असरग्रस्त होने की संभावना को अस्वीकार नही किया जा सकता और धारपुर मेडिकल कॉलेज के साथ अस्पताल का निर्माण हुवा और पाटन सिविल अस्पताल का जो स्टेटस है वो सुरक्षित रहे और पालनपुर जनरल अस्पताल का स्टेटस सुरक्षित रहे उस तरह सरकार ही उसका वहीवट अपने हस्तक्षेप में रखे यही बनासकांठा के नागरिकों की है।
(०६) सामान्य तरीके से मेडिकल कॉलेज के लिए ०९ (नो) एकर से लेकर २५ (पच्चीस) एकर जमीन की जरूरत होती है। तब यह मेडिकल अस्पताल कॉलेज के लिए अनुकूलता प्राप्त परिस्थिति नही है। किंतु हमारी जानकारी के तहत पालनपुर तहसील के मोरिया गाँव में मेडिकल कॉलेज का निर्माण करने का निर्णय भी लिया गया किन्तु वहा मेडिकल कॉलेज का निर्माण नही करके मेडिकल कॉलेज का बहाने बाजी करके बनासकांठा की जनता के साथ ब्लेकमेलिग
करके अस्पताल का खानगी करण / वहीवटी खानगी संस्थाओ को दिया जा रहा है जिस का कडे शब्दो नींद और विरोध करते है। नामदार गुजरात सरकार की तरफ से सरहदी विस्तार ऐसे बनासकांठा जिल्ले को संविधान की जोगवाई के तहत न्याय मीले पाटन धारपुर और महेसाणा के वडनगर में गुजरात सरकार की तरफ से मेडिकल एजुकेशन रिसर्च सेंटर नामकी
सरकार हस्तक की मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाती है तो फिर बनासकांठा की जनता के साथ ऐसा अन्याय क्यो ?

*महर्षि वाल्मीकि जयंती मनाई गयी* व श्री विनोद जावा को मुख्य प्रवक्ता बनाया गया*

राष्ट्रीय वंचित लोक मंच के राष्ट्रीय कार्यालय में भगवान वाल्मीकि जी महाराज की जयंती पर पुष्पांजलि का कार्यक्रम रखा गया। जिसकी अध्यक्षता बीकानेर के समाज सेवी व पत्रकार श्री विनोद जावा ने की। *श्री विनोद जावा जी को आज ही राष्ट्रीय वंचित लोक मंच राजस्थान के मुख्य प्रवक्ता के पद पर मनोनीत किया गया है।* वाल्मीकि जी की पुष्पांजलि के इस अवसर पर जोधपुर के जिलाध्यक्ष श्री भगवान खोखर, श्री जीतराज चांगरा, श्री सज्जनराज चांगरा, श्री सुरेंद्र छवानी, श्री विजय घारू, श्री आनंद हंस, श्री विक्की खोखर, श्री गोपाल सरवटे, श्री सुनील छपरिबंद, संदीप सरवटे आदि कार्यकर्ता मौजूद थे। राष्ट्रीय कार्यालय में इस पुष्पांजलि के बाद आदि धर्म समाज जोधपुर द्वारा प्रायोजित वाल्मीकि प्रकट दिवस कार्यक्रम में राष्ट्रीय वंचित लोक मंच के पदाधिकारियों ने भाग लिया व आधस के सलाहकार श्री विजय कंडारे व संयोजक श्री सुरेश जोड़ को बधाई दी।

वाल्मीकि जी की याद में कल संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा गरीबो में बिस्किट व फल बाँटे जाएंगे।

भवदीय

सचिन सरवटे

राष्ट्रीय अध्यक्ष

राष्ट्रीय वंचित लोक मंच, भारत

मो-9468564466

जैसलमेर – भील दलित कांड